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शरद कालीन अवकाश में बोर्ड की कक्षाएं ही चलाई जाएं - तीन खंडों में खंडित वर्तमान GSTA ने शिक्षक समाज के अनेकों बार आर्थिक और सामाजिक नुकसान कराए - SFTC

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*सोसाइटी फॉर टीचर्स कॉज(रजि),दिल्ली*

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सम्मानित शिक्षक भाईयों बहनों 🙏

शिक्षा निदेशालय द्वारा दिनांक २२/१२/२२ को जारी सर्कुलर No.DE.23(08)/Sch. Br./2022/1184 के अंतर्गत पूर्व घोषित शीत कालीन अवकाश (१ जनवरी से १५ जनवरी, २०२३) के दौरान कक्षा ९ से कक्षा १२ तक की रिमेडियल क्लासेज चलेंगी।

शीत कालीन अवकाश  के दौरान LTC भ्रमण के लिए महीनों पहले अपना रिजर्वेशन करा चुके हजारों शिक्षक भाई बहन, तीन खंडों में विभक्त वर्तमान GSTA की नाकामी और अकर्मण्यता का खामियाजा भुगतने के लिए अभिशप्त हो रहे हैं।

तीन खंडों में खंडित वर्तमान GSTA ने शिक्षक समाज के अनेकों बार आर्थिक और सामाजिक नुकसान कराए है। जैसे: 

१_ तत्कालीन GSTA (SFTC) द्वारा शुरू कराई गई DGEHS जीवन दायिनी सुविधा को कैशलैस तो नहीं करा पाए, बल्कि शिक्षको के मेडिकल बिल का रियंबर्समेंट भी नहीं करा पा रहे हैं।

२_ वाइस प्रिंसिपल के १०० प्रतिशत प्रमोशन को ५० प्रतिशत करवा दिया।

३_ PRT से TGT, TGT से PGT के प्रमोशन के लिए ७५ प्रतिशत कोटे को ५० प्रतिशत करवा दिया।

*SFTC कोर्ट में केस लड़ रही है।

४_ नए रिक्रूटमेंट रूल्स में आवेदन करने की आयु सीमा भी ३० वर्ष करा दी।

५_ री एंप्लॉयमेंट स्कीम समाप्त होने के बाद कोई कारवाई नहीं की। *SFTC कोर्ट में केस लड़ रही है।

६_ हमारे अतिथि शिक्षक भाई बहनों को भी पक्का कराने में कोई कार्रवाई नहीं की है।

बल्कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें लगातार पदमुक्त किया जा रहा है।

शिक्षक हित और विद्यालय हित में SFTC का शिक्षा निदेशालय के उच्च अधिकारियों से आग्रह है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी शरद कालीन अवकाश में बोर्ड की कक्षाएं ही चलाई जाएं ताकि हम अपने अभीष्ट को आसानी से प्राप्त कर सकें।

लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रजातांत्रिक पुजारियों को समर्पित महाकवि दुष्यंत जी की प्रसिद्ध पंक्तियां वर्तमान परिप्रेक्ष्य में,

*" तेरी जुबां है जम्हूरियत की तरह,*

 *तू एक जलील सी गाली से बेहतरीन नहीं।"*


जय शिक्षक। जय दिल्ली। जय भारत।

@ sftc 24 dec 022


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