*शिक्षक न्याय मंच(रजि.),दिल्ली*
साथियों,
शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार ने सर्कुलर संख्या-F.DE.3(38)/E-III/RR- TGT(MIL)2016 - 1887 ,दिनांक 26/9/19 को टी.जी.टी. पोस्ट के लिए संभावित संशोधन के लिए रिक्रूटमेंट रूल्स (RRs) के संदर्भ में stakeholders से 30 दिन के अंदर comments माँगे हैं।
इस सर्कुलर मे टी.जी.टी.पोस्ट के लिए नये RRs के अनुसार अब 75% प्रमोशन के स्थान पर केवल और केवल *20%* ही प्रमोशन होने जा रहे हैं।
साथियों, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार के द्वारा शिक्षकों के संदर्भ मे जो भी नियम बनाए जाते हैं, उसमें GSTA की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।बीते पांच वर्षों में टुकड़ों में विखंडित वर्तमान GSTA ने शिक्षक हितैषी कार्य करने के बजाय शिक्षक विरोधी कार्य अधिक कराये हैं।जिससे संपूर्ण शिक्षक समाज आहत है।
साथियों , शिक्षा निदेशालय मे शिक्षक विरोधी गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाम सिद्ध हुई है हमारी वर्तमान GSTA ,जो कि बेहद मजबूत होने का दम्भ भरती है अब तक की सबसे कमजोर GSTA है ये एकमात्र विरुद्ध विचारधारा वालों के स्थानांतरण करवाकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं जो कि बेहद घृणित है।
इनकी अदूरदर्शिता व अपरिपक्वता का ही परिणाम है कि ये शिक्षकों को कोई नई उपलब्धि देने के बजाय मिली हुई सुविधाओं व अधिकारों को भी खो रहे हैं।इनके रहते ही vice principal की 50 प्रतिशत सीट प्रमोशन कोटा से बाहर हो गईं,vice principal से प्रिंसिपल में प्रमोशन के लिए 10 वर्ष की शर्त लागू हो गयी,HOS को 3 शिक्षकों के ट्रांसफर की पावर दी गई,3दिन के बदले 1 EL मिलने का नियम आया,GOOD से VERY GOOD का BENCH मार्क आया, तथा 2016 से पहले का भी VERY GOOD न होने पर हजारों शिक्षकों की MACP रोकी गई आदि आदि..... लिस्ट बहुत लंबी है।इसके बावजूद अपने कार्यों को मील का पत्थर मानते है,खैर...।
*शिक्षक न्याय मंच* tgt के प्रस्तावित RR का विरोध करता है व संपूर्ण शिक्षक समाज को आश्वस्त करता है कि शिक्षक हित मे नये RRs का पुरजोर विरोध किया जाएगा व जरूरत पड़ने पर कोर्ट का भी सहारा लिया जाएगा।
*"उसूलों पर अगर आँच आये तो टकराना जरूरी है..*
*जिंदा हो तो जिन्दा नजर आना जरूरी है।"*
*जय शिक्षक,जय राष्ट्र*
निवेदक
*समस्त कार्यकारिणी शिक्षक न्याय मंच,दिल्ली व दिल्ली का आहत ,शोषित किंतु सुयोग्य व कर्मठ शिक्षक समाज*
