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वर्तमान GSTA की अक्षमता औऱ अकर्मनयता का परिणाम है 3 वर्षों मे मात्र औऱ मात्र 587 शिक्षकों का प्रोमोशन

वर्तमान GSTA की अक्षमता औऱ अकर्मनयता का परिणाम है 3 वर्षों मे मात्र औऱ मात्र 587 शिक्षकों का प्रोमोशन।

सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज(रजि.)
दिल्ली प्रदेश
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सम्मानित शिक्षकों
              सादर🙏🏻प्रणाम
       
         सभी प्रोन्नत शिक्षकों को SFTC की हार्दिक शुभकामनाएं।

भाईयों/बहनों, दिल्ली के शिक्षा निदेशालय मे लगभग 30,000 पद रिक्त पडे हैं।जिनमें से 9623 पद आपकी तत्काल ईन GSTA(SFTC) के अथक प्रयासों से निर्मित हुये थे।शिक्षा निदेशालय मे कुल रिक्त पदों मे से 75% प्रोमोशन से तथा शेष 25% सीधी भर्ती से भरे जाते हैं।

        हमारी वर्तमान GSTA की अक्षमता औऱ अकर्मनयता का ही परिणाम है कि इस बार 3 वर्षों मे मात्र औऱ मात्र 587 शिक्षकों के प्रोमोशन हुए हैं।औऱ शिक्षकों की पोस्टिंग अपने विद्यालय मे PGT के पद रिक्त होते हुए भी दिल्ली के सुदूर जिलों मे की गई है।इस नीति से शिक्षकों मे मानसिक तनाव बढ रहा है।जिसका दुष्परिणाम उनके अध्ययन-अधयापन के कार्य को निश्चित रुप से प्रभावित करेगा।

          भाईयों/बहनों, आपको याद दिला दें सन् 2012-13 मे आपकी तत्काल ईन GSTA{SFTC} ने शिक्षा निदेशालय के 3998 शिक्षकों की बम्पर प्रोमोशन सूची जारी कराई थी औऱ प्रोमोशन पॉलिसी के तहत TGT शिक्षकों का प्रोमोशन उसी विद्यालय मे PGT पदों पर करने का नियम बनवाया था।लेकिन इस बार उन्हीं विद्यालयों मे PGT पद रिक्त होते हुए भी हमारे मेहनती व लगनशील शिक्षकों की नियुक्ति दिल्ली के दूसरे जिलों मे की गई है, जो शिक्षकों का सरासर मानसिक, मनोवैज्ञानिक व सामाजिक शोषण है।

           हमारी वर्तमान GSTA को दिल्ली के 40,000 शिक्षकों ने चुनने के लिए अपना तन, मन औऱ धन से साथ देकर भारी बहुमत से जिताया था कि संकट की घडी मे वर्तमानGSTA मन,वचन औऱ कर्म से शिक्षकों का अहित नहीं होने देगी। लेकिन हमारी वर्तमान GSTA प्रोमोशन पाये शिक्षकों की दिल्ली के दूर-दूर के जिलों  मे हुई नियुक्तियों पर अपना ध्यान आकर्षित करने के बजाय , DSSSB द्वारा प्रवक्ता पद के सफल आवेदकों के डोजियर को शिक्षा निदेशालय मे भेजने मे बोर्ड द्वारा की जा रही देरी के विरोध मे धरना दे रही है।

....कहीं वर्तमान GSTA वोटों की राजनीति तो नहीं कर रही है?

           वर्तमान GSTA के इस आशा के विपरीत कृत्य से दिल्ली के मेहनती, कर्मठ,लगनशील शिक्षक असमंजस की अवस्था मे हैं कि आखिर वर्तमान GSTA को किसलिए चुना गया है?????????

जयशिक्षक।।                  जय दिल्ली।।
     
भारत माता की जय







स्त्रोत : SFTC

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