SELECT THE LANGUAGE HINDI TO READ THE BLOG IN HINDI

Search This Blog

Home » » SFTC ( पूर्व GSTA ) का विशेष प्रयोजन से यह पत्र शिक्षक समाज को समर्पित

SFTC ( पूर्व GSTA ) का विशेष प्रयोजन से यह पत्र शिक्षक समाज को समर्पित




सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज(रजि.)

जय शिक्षक।     ...... ...... ...... जय दिल्ली।।

दिल्ली के सम्मानित शिक्षक भाईयों/बहनों,
                                सा द र प्र णा म ।

आज SFTC विशेष प्रयोजन से यह पत्र शिक्षक समाज को समर्पित कर रही है।

शिक्षक का आभूषण उसकी मर्यादित व संसकारित भाषा होती है। लेकिन शिक्षकों के नेता ही जब बेलगाम अमर्यादित,अशोभनीय,असंतुलित व अवॉछनीय भाषा का प्रयोग करने लगै तो छात्रो औऱ समाज को कया संदेश देगे।यही सोचकर आज दिल्ली के शिक्षक हतप्रभ व हैरान है।

आज वर्तमान GSTA चुनाव मे किये गये फरेबी वायदो को पूरा न कर पाने के कारण अनर्गल, आधारहीन व अनुभवहीन बातें कर शिक्षकों का धयान जवलंत मुद्दों से भटकाने की साजिश रच रही है।

भाईयों/बहनों, आपको हकीकत से अवगत कराते रहना अब बहुत ही जरूरी हो गया है कि SFTC की जागरूकता, सतर्कता औऱ समझबूझ का ही परिणाम है कि इस वर्ष जून माह का TA मिलना निश्चित हुआ है।

भाईयों/बहनों, जहाँ SFTC ने वाइस प्रिसिपल की हर विधालय मे दो-दो पोस्ट तत्काल ईन शीला दीक्षित सरकार से क्रिएट करवाकर शिक्षा जगत मे जाजवलयमान कीर्तिमान बनाया था, वही दूसरी ओर वर्तमान GSTA वाइस प्रिसीपल की पोस्ट पर १००% होने वाले प्रमोशनो को 50-50 % (PR + DR) कराने जा रही है।जो दिल्ली के शिक्षकों के अधिकारों का हनन होगा। जो दिल्ली के शिक्षकों का अपमान है। इस अपमान को दिल्ली के शिक्षक हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगें।

          भाईयों/बहनों, भूतपूर्व GSTA(SFTC) दिल्ली के शिक्षकों के हितों के लिए संकलपित है,ईसीलिए आपके लिए 18460 के केस की 4 वर्षो तक पैरवी की।CAT मे असफलता मिलने पर बिना समय बरबाद किए हाईकोर्ट मे केस दाखिल किया। नवगठित वर्तमानGSTA को बिना क्षण गवाए 18460 के केस की मोटी फाईल SFTC ने सौप दी ताकि शिक्षकों को उनका हक मिल जाये। लेकिन भाईयों/बहनों हमारी वर्तमानGSTA ने केस की पैरवी करना जरुरी नही समझा ,वे राजनेताओं के यहाँ फोटो सेशन मे मशगूल रहे औऱ केस समाप्त हो गया।

   .....वर्तमानGSTA ने दिल्ली के भोले-भाले शिक्षकों को 17140 दिलाने के लिए 7 सितम्बर,2015 को,तयागराज ष्टेडियम के बाहर एकत्रित होने का आहवान किया। वहाँ महिला शिक्षकों के साथ कया बर्ताव हुआ यह किसी से छिपा नही है।वहाँ हमारी महिला शिक्षकों पर लाठीचार्ज कराया गया।कई शिक्षक घायल होकर हॉस्पिटल पहुँचे। एक बहन राजबाला सैनी वर्तमानGSTA की अनुभवहीनता का शिकार हो गयीं, जो आज तक न्याय नहीं पा सकी है।

    भाईयों/बहनों, 7th CPC मे वर्तमान GSTA का representation नही है इस रहष्य का पर्दाफाश SFTC ने कई बार किया है। 7th CPC मे represent करने वाली देश की सभी associations के नाम की लिष्ट मे है, केवल हमारी GSTA को छोडकर। वर्तमान GSTA सफाई देती है कि हमने तो represent किया था, 7th CPC वालों ने हमारी GSTA का नाम नहीं छापा है।भाईयों/बहनों, ऐसा संभव है कि GSTA के महत्वपूर्ण documents को देश की विभिन्न यूनियनो की लिष्ट मे 7th CPC शामिल न करे, यदि हकीकत मे representation दिया गया होता। 

   भाईयों/बहनों, SFTC,सभी शिक्षकों को 17140 दिलाने के लिए संकलपित है। SFTC आज भी शिक्षकों के लिए CAT मे संघर्ष कर रही है।आशा है परिणाम अनुकूल ही आएगा।।।

ज य शि क्ष क         .....।।।.....  जय दिल्ली




Source :SFTC





----------------------------------------------------------------------

साथियों,
                        सभी की जानकारी के लिए हम यह बताना चाहते हैं कि दिल्ली स्कूल टीचर्स फोरम किसी भी टीचर्स ग्रुप से नही जुड़ा हुआ है। यह जानकारी ओर आपसी विचार शेयर करने का सांझा प्लेटफॉर्म है।
                        काेई भी टीचर्स ग्रुप टीचर्स के हित में किये गये कार्यों को, इस प्लेटफार्म पर प्रकाशित करने के लिए हमें भेज सकता है। हमें किसी भी ग्रुप से संबंधित जो भी जानकारी मिलती है उसे यहाँ प्रकाशित कर देते हैं। लगभग 5000 अध्यापक इस मंच से फेसबुक, गूगल+ और ई-मेल जुडे हुए है। सभी अध्यापकों से निवेदन है कि वे ज्यादा से ज्यादा इस मंच को अपने साथियों के साथ शेयर करें  ।
                                                      धन्यवाद  
                                                 
Contact us : myedudel@gmail.com

Share this article :

Popular Posts

IMPORTANT LINKS