SELECT THE LANGUAGE HINDI TO READ THE BLOG IN HINDI

Search This Blog

Home » » GSTA मे आपसी अन्तरकलह, औऱ गुटबाजी के कारण दिल्ली के शिक्षकों का अहित, GSTA जल्द से जल्द जनरल बॉडी मीटिंग बुलाकर चुनाव का एलान करें - SFTC

GSTA मे आपसी अन्तरकलह, औऱ गुटबाजी के कारण दिल्ली के शिक्षकों का अहित, GSTA जल्द से जल्द जनरल बॉडी मीटिंग बुलाकर चुनाव का एलान करें - SFTC

GSTA मे आपसी अन्तरकलह, औऱ गुटबाजी के कारण दिल्ली के शिक्षकों का  अहित, GSTA जल्द से जल्द जनरल बॉडी मीटिंग बुलाकर चुनाव का एलान करें - SFTC

*सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज(रजि.)*
*दिल्ली प्रदेश*
*--------///--------///-----------*

सम्मानित शिक्षक साथियों
                   सादर नमन।

दिल्ली के शिक्षा जगत के इतिहास मे पहली बार सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के द्वारा चुनी हुई वर्तमान GSTA मे आपसी अन्तरकलह, औऱ गुटबाजी के कारण दिल्ली के शिक्षकों का लगातार अहित हो रहा है।

वर्तमान GSTA दो गुटों (अध्यक्ष गुट) तथा (महासचिव गुट) मे विभक्त हो गई है। महासचिव गुट के 5 जिलों के सचिव व सदस्यों ने त्याग पत्र दे दिए हैं। वर्तमान GSTA के अध्यक्ष ने महासचिव को पदमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। वर्तमान समय मे दिल्ली के शिक्षकों की पवित्र संस्था GSTA के असतित्व पर संकट के बादल गहरा गये हैं।

*सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज(SFTC)* शिक्षक हित मे वर्तमान GSTA से अपील करती है कि अध्यक्ष और महासचिव अपने-अपने अहम की लडाई मे निर्दोष शिक्षकों के हितों की बलि न चढाये। इतिहास साक्षी है जब-जब शिक्षकों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का दुःसाहस किया गया, शिक्षक शक्ति ने उसे जमीदोज कर दिया है।
*SFTC*,वर्तमान GSTA से शिक्षक हित मे अपील करती है कि चुनाव की घोषणा के लिए शीध्र से शीध्र जनरल बॉडी की मीटिंग की तिथि निश्चित करे।

निवर्तमान पूर्व GSTA(SFTC) के उच्च पदस्थ व्यक्ति विशेष का नाम लेकर कुछ शिक्षक साथी सोशल मीडिया मे अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वर्तमान GSTA की अन्तर कलह आज से नहीं है,बल्कि विगत काफी समय से चल रही है।जिससे दिल्ली के लगभग 55000 शिक्षकों का अहित हुआ है।

SFTC आपको याद दिलाना चाहती है कि विगत चार वर्षों मे किसी भी वर्ग मे कोई पदोन्नति नहीं हुई है।इस कारण से विद्यालयों मे शिक्षकों के 30000 पद,प्रधानाचार्य के 825 तथा उप-प्रधानाचार्य के 752 पद रिक्त हैं।और बिना पदोन्नति के ही अनेकों शिक्षक सेवा निवृत्त हो रहे हैं।शिक्षकों मे वर्तमान GSTA के प्रति भारी रोष है और उसकी अन्तर कलह से अत्यधिक दुःखी हैं।

*सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज(SFTC)* सभी शिक्षकों को सचेत व आगाह करना चाहती है कि कुछ मानसिक दिवालियेपन के शिकार मनगढन्त वक्तव्य और अफवाहें फैलाकर वर्तमान GSTA की असफलता, नाकामियाँ और निकम्मेपन को दबाना चाहते हैं। शिक्षक समाज बेतुकी अफवाहों पर ध्यान न दें, बल्कि पूर्व GSTA(SFTC) के अध्यक्ष श्री ओम सिंह जी के नेतृत्व मे शिक्षक हित मे की गई *ऐतिहासिक* उपलब्धियों को याद रखें और उनका उल्लेख करें।

*जय शिक्षक*    🇮🇳    *जय दिल्ली*
Share this article :

Popular Posts

IMPORTANT LINKS