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SFTC की GSTA से माँग , वेतन विसंगति की समस्या का निराकरण केंद्र सरकार से कराये

SFTC की GSTA से माँग , वेतन विसंगति की समस्या का निराकरण केंद्र सरकार से  कराये




सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज (रजि.)
दिल्ली प्रदेश
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दिल्ली के सम्मानित शिक्षकों
                          सादर🙏🏻
     वर्तमान राज्य सरकार द्वारा SMC को दिये गये अधिकारों से SFTC काफी चिन्तित है। SFTC का मानना है कि सरकार की इस नीति से दिल्ली के मेहनती और ईमानदार शिक्षकों के मान,सम्मान का हरण होगा। जो सरासर संवैधानिक मूल्यों का उलंघन है।संविधान के प्रावधान के अनुसार कोई निम्न योग्यता का व्यक्ति उच्च शैक्षिक योग्यता के शिक्षक का मूल्यांकन नहीं कर सकता है।SFTC माँग करती है कि सरकार की इस शिक्षक विरोधी नीति के विरूद्ध हमारी वर्तमान GSTA को कोर्ट का रूख करना चाहिए। ईतिहास साक्षी है कि जब-जब मेहनती औऱ ईमानदार शिक्षकों पर राजनैतिक सितम ढहाने का क्रूर प्रयास हुआ है,उसके अंत की अवधि निकट ही आयी है।

       भाईयों/बहनों दिल्ली मे 1023 सरकारी विद्यालय हैं। प्रोमोशन 587 हुए हैं।जो ऊँट के मुँह मे जीरे के समान हैं।आपको याद दिला दें आपकी तत्काल ईन GSTA(SFTC) के कार्य कौशल औऱ दूरदर्शी बुद्धिमत्ता का ही परिणाम था कि सन् 2012-13 मे 3998 शिक्षकों की बम्पर प्रोमोशन सूची जारी हुई थी।जो दिल्ली के शिक्षा जगत मे ऐतिहासिक मिसाल बन चुकी है। दिल्ली के शिक्षकों के मन मसतिष्क मे बार-2 तत्काल ईन GSTA{SFTC} की उपलब्धि याँ याद आ रही हैं।
     SFTC ,शिक्षा निदेशक से शिक्षक हित मे आग्रह करती है कि जैसे सन् 2012-13 मे promotion policy के तहत TGT शिक्षकों का promotion उसी विद्यालय मे PGT पद पर किया गया, वैसी ही नियुक्ति इस बार भी की जाए। इस प्रक्रिया से शिक्षक भयमुक्त औऱ तनाव रहित शैक्षिक वातावरण निर्मित करने मे अहम् भूमिका निभाने मे समर्थ होगें।
       जैसा कि समाचार पत्रों/सोशल मीडिया के माध्यम से सभी को जानकारी है कि हमारी वर्तमान GSTA को शिक्षा मंत्री ने वार्ता के लिए समय देना उचित नहीं समझा, जो लोकतांत्रिक नियमों के विरूद्ध है।दिल्ली के शिक्षा जगत के इतिहास मे पहली बार भारत के सरकारी विद्यालयों की सबसे बडी संस्था GSTA को नजरंदाज किया है।इसकी जिम्मेदार खुद GSTA ही है।हमारी वर्तमान GSTA ने शिक्षक हित मे कम औऱ पार्टी विशेष के लिए अधिक कार्य किया है।जैसा कि सरकारी साक्ष्य से ष्पष्ट हो चुका है कि 7th CPC मे हमारी GSTA द्वारा represent न करने के कारण ही शिक्षकों के वेतन मे आशानुरुप वृद्धि नहीं हुई है, जैसी 6th CPC मे तत्काल ईन GSTA के महासचिव आदरणीय राजकिशोर शर्मा जी की powerful pleading के कारण हुई थी। 7th CPC मे भी वर्तमान GSTA ने शिक्षकों को निराश किया है।
      SFTC वर्तमान GSTA से माँग करती है कि वह केंद्र सरकार से वेतन विसंगति की समस्या का निराकरण कराये, जिससे दिल्ली के शिक्षकों को आर्थिक लाभ हो सके।
जय शिक्षक       जय दिल्ली      जय भारत




स्त्रोत : s f t c

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