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Home » » चिट्ठियां आती थी : कसम है सैलरी मत बढ़ाना, बाबू काम नहीं करते हैं। 7वें वेतन आयोग के अध्यक्ष से जानिए सिफारिशों के पीछे की बात।

चिट्ठियां आती थी : कसम है सैलरी मत बढ़ाना, बाबू काम नहीं करते हैं। 7वें वेतन आयोग के अध्यक्ष से जानिए सिफारिशों के पीछे की बात।

"चिट्ठियां आती थी : कसम है सैलरी मत बढ़ाना, बाबू काम नहीं करते हैं" - 7वें वेतन आयोग के अध्यक्ष से जानिए सिफारिशों के पीछे की बात। 




स्त्रोत : दैनिक भास्कर 
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